सीएसएचपी स्कूल में अर्थ डे पर बच्चों ने दिखाया हुनर

सीएसएचपी स्कूल में अर्थ डे पर बच्चों ने दिखाया हुनर

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गाजियाबाद। वकील कॉलोनी स्थित सीएसएचपी पब्लिक स्कूल में अर्थ डे पर आयोजित गोष्ठी, रैली, पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में बच्चों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने अपना हुनर दिखाकर सबका मन मोह लिया। बच्चों ने पृथ्वी को कैसे…

बच्चों ने दिया पृथ्वी बचाओ पौधे लगाओ का संदेश

बच्चों ने दिया पृथ्वी बचाओ पौधे लगाओ का संदेश

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नोएडा। सेक्टर 22 स्थित लिटिल एंजलस प्ले एंड नर्सरी स्कूल में पृथ्वी बचाओ पेड लगाओ का संदेश नन्हें बच्चों ने दिया। प्ले, नर्सरी व केजी के विद्यार्थियों ने सभी को पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ का संदेश पौधा लगाकर दिया। वर्तमान में पेड़ों…

नोवरा ने उठाया सरकारी स्कूल में कमियों का मुद्दा, विधायक से मिले

नोवरा ने उठाया सरकारी स्कूल में कमियों का मुद्दा, विधायक से मिले

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नोएडा। गाँवों के विकास और उनके साथ हो रहे भेदभाव के लिए बनी संस्था नोवरा (नोएडा विलेज रेजीडेंट्स एसोसिएशन) का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक पंकज सिंह से मिला। ग्राम होशियारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्वच्छ पीने योग्य जल की आपूर्ति न होने…

नन्हें बच्चो ने मनाया बैसाखी का पर्व

नन्हें बच्चो ने मनाया बैसाखी का पर्व

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नोएडा। सेक्टर 22 स्थित लिटिल एंजल्स प्ले एंड नर्सरी स्कूल परिसर में ो बच्चों ने बैसाखी पर्व मनाया। इस मौके पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बच्चों ने अपनी प्रतिभा से शाबाशी बटोरी। बच्चों ने डांस व फसलों पर आधारित कविता पाठ किया। इस…

जेकेजी स्कूल के बच्चों ने जल बचाओ रैली निकाली

जेकेजी स्कूल के बच्चों ने जल बचाओ रैली निकाली

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गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित जेकेजी इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा-सात एवं आठ के बच्चों ने ब्रिटिश काउँसिल के ’जल बचाओ जीवन बचाओ’ अभियान के तहत जनजागरण रैली निकाली। इसका उद्देश्य शक्तिखंड के निवासियों को ’सेव वाटर’ के स्लोगन्स एवं नारों द्वारा पानी बचाने का…

रन फार हैल्थ रेस का आयोजन किया

रन फार हैल्थ रेस का आयोजन किया

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वकील कॉलोनी स्थित सी, एस , एच्, पी , पब्लिक स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया । इस अवसर पर समाज को जागरूक करने और स्वास्थ्य सम्बंदित जानकारी देने के लिए ” रन फॉर हेल्थ” रेस का तथा रोगो से बचाव…

योगी सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानियों पर कसी नकेल

योगी सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानियों पर कसी नकेल

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लखनऊ। योगी सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानियों पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है। उसने उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क का निर्धारण) अध्यादेश लाने पर सहमति दे दी है। इसे इसी सत्र में लागू किया जाएगा। इसके…

दोबारा नहीं होगा दसवीं में गणित का पेपर

दोबारा नहीं होगा दसवीं में गणित का पेपर

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  नई दिल्ली। सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड का गणित का पेपर दोबारा नहीं कराने का फैसला किया है। बोर्ड ने यह फैसला ऐसे समय किया है, जब दिल्ली-हरियाणा के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी मैथ्स का पेपर लीक होने…

 बच्चों में बढ़ रही टाइप-वन डायबिटीज की समस्या

 बच्चों में बढ़ रही टाइप-वन डायबिटीज की समस्या

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आधुनिक चिकित्सा पद्वति से मिल सकती है निजात – 97 हजार बच्चे हैं टाइप-वन डायबिटीज के शिकार         नोएडाः डायबिटीज की समस्या बड़ों के अलावा बच्चों में तेजी से बढ़ रही है। देश के दूसरे हिस्सों के अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी तेजी से बच्चे टाइप-वन डायबिटीज की गिरफ्त में आ रहे हैं। जहां देश में 97 हजार बच्चे टाइप-वन डायबिटीज के शिकार हैं, वहीं, दिल्ली-एनसीआर में प्रति एक लाख बच्चों में 32 बच्चे टाइप-वन डायबिटीज की चपेट में हैं। चिकित्सकों के मुताबिक अगर जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए तोइस समस्या से निजात पाई जा सकती है। ग्लूको मीटर और इंसुलिन पंप जैसे आधुनिक चिकित्सा के जरिए भी इस रोग पर नियंत्रण पाकर बेहतर जीवन जिया जा सकता है। फोर्टिस एवं अपोलो अस्पताल के बाल रोग एवंएडोलसेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष व वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. आईपीएस कोचर ने बताया कि इसबीमारी के कारण अग्नाश्य के प्रतिरक्षक प्रणाली में पैदा होने वाला इंसुलिन उत्पादन कोशिकाओं को खत्म करदेता है, जिसके कारण बच्चों को इंसुलिन इंजेक्शन पर निर्भर रहना पड़ता है।उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रति एकलाख बच्चे में 32 बच्चे टाइप-वन डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो चिंताजनक बात है। यह रोग बच्चों में अत्यधिकप्रचलित है, जिसके कारण इसे किशोर मधुमेह कहा जाता है। इस बीमारी का अभी तक कोई वास्तविक कारण का पता नहीं है, लेकिन आमतौर पर माना जाता है कि जब एक व्यक्ति की प्रतिरक्षा शरीर के विपरीत काम करती है, तो अग्नाश्य में पैदा होने इंसुलिन को यह खत्म करना शुरू कर देती हैं। इन स्थितियों में बच्चे और उनके अभिभावक को चाहिए कि वह खेल गतिविधियों में नियमित हिस्सा लें। ऐसेबीमारी से पीड़ित बच्चों को समाज में बोझ समझा जाता है और मान लिया जाता है कि ऐसे बच्चे दूसरों की तरह सामान्य जीवन कभी नहीं जी सकेंगे। बीमारी के प्रति इस तरह के भ्रम और अज्ञानता के कारण सही इलाज में बाधा उत्पन्न होती है।   सक्रिय जीवन पर असरः  टाइप-वन डायबिटीज का मतलब है कि सक्रिय जीवन को हमेशा के लिए अलविदा कह देना। पहले विभिन्न इंजेक्शन के डोज के कारण लोगों की दिनचर्या सीमित हो जाती थी, लेकिन आधुनिक चिकित्सा थैरेपी में इंसुलिनपंप वाले ग्लूकोमीटर के  जरिए टाइप-वन डायबिटीज से पीड़ित बच्चे व व्यस्क भी सक्रिय जीवन पा सकते हैं।निरंतर ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस, इन डिवाइसों में ग्लूकोज के स्तर और अलार्म की वजह से जब भीइंसुलिन की आवश्यकता  होती है, उस अस्थिरता को ट्रैक करने में मदद करते हैं।     

नन्हें बच्चों ने दिखाया वार्षिकोत्सव में अपना हुनर

नन्हें बच्चों ने दिखाया वार्षिकोत्सव में अपना हुनर

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नोएडा। सेक्टर-22 स्थित लिटिल एंजल प्ले एवं नर्सरी स्कूल ने अपना चौथा वीर्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम मे स्कूल के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम व नाटिका प्रस्तुत कर  कार्यक्रम मे आए अभिभावकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम…