
कम्युनिकेशन के विस्तार में हरेक व्यक्ति मीडिया है-अमिताभ
गाजियाबाद। सुप्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि कम्युनिकेशन के बढ़ते विस्तार में हरेक व्यक्ति मीडिया है। इसलिये समाज के प्रति हरेक व्यक्ति जागरूक और जिम्मेदार बने। एचएसएस विभाग की ओर से आयोजित अतिथि व्याख्यान के दौरान उन्होंने वकालत की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। अतिथि व्याख्यान का विषय ‘मीडिया एवं मानवाधिकार’ था। इसी विषय पर आधारित अपने व्याख्यान में
उन्होंने कहा कि भारत में मानवाधिकार आयोग एडवाइजरी भर न रह जाए, इसे चूजा न बनाया जाए, इसे बिना दांत और नाखून वाला भी न बनाये सरकार। केवल कागजी खानापूर्ति के लिए मानवाधिकार आयोग की कोई उपयोगिता नहीं है। इसे जनोपयोगी बनाया जाए। इसके कर्तव्य और अधिकार सुनिश्चित होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग आज दो चश्मों से आंकलन करने लगा है। अपराधियों के बचाव का हथियार बना हुआ है। आज समाज के पीड़ित वर्ग को न्याय मिले इसके लिए मानवाधिकार के खिड़की-दरवाजे बड़े होने जरूरी हैं। मानवाधिकार का मतलब सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे भवन्तु निरामया होना चाहिए। इसे बौद्धिक विलास का खेल न समझा जाए। अगर ऐसा ही है तो इसे तत्काल बंद कर देना चाहिए। इसके बदले पुलिस थानों को सुधार होना चाहिए। मानवाधिकार को फेंगशुई न बनाइये इसे रण में उतारिये। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वकील बनने के बाद वे गरीबों के न्याय की आवाज बनें। अपने आसपास देखें। वंचित समाज से मिलें। जिन्दगी की ईंटर्नशिप में 20 प्रतिशत समाज को भी देना सीखें। बहुत ज्यादा कानून अच्छी व्यवस्था का प्रमाण कतई नहीं होते। अतिथि व्याख्यान के बाद श्री अग्निहोत्री ने विद्यार्थियों के सवालों के समुचित जवाब दिये। मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने अमिताभ अग्निहोत्री को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर एचएसएस विभाग प्रभारी वियंता पाल, सहायक निदेशक डॉ. चेतन आनंद सहित मेवाड़ के अन्य विभागों का शिक्षण स्टाफ भी मौजूद रहा। अंत में मेवाड़ लॉ इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल डॉ. संजय सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया और अतिथि व्याख्यान को जनोपयोगी बताया। कुशल संचालन अमित पाराशर ने किया।