“पढ़ाने के अलावा शिक्षकों को नहीं करना पड़ेगा और कोई काम”

मेवाड़ में ‘पाठ्यक्रम संरचना-उद्देश्य एवं निहितार्थ’ विषय पर विचार संगोष्ठी आयोजित
सरलीकरण के नाम पर शिक्षा को दुरुह न बनाया जाये-डाॅ. गदिया
गाजियाबाद। एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार ने बताया कि अब शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा और कोई सरकारी कार्य नहीं करना पड़ेगा। नई शिक्षा नीति में केन्द्र सरकार नये प्रावधान लेकर आ रही है। जल्द ही नई शिक्षा नीति लागू होगी। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में आयोजित मासिक विचार संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने यह बात कही। वह ‘पाठ्यक्रम संरचना-उद्देश्य एवं निहितार्थ’ विषय पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इसी दौरान मेजर हर्ष कुमार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम संरचना के लिए सरकार पहले कमेटी का स्वरूप तय करती है। कमेटी में विषय विशेषज्ञों को शामिल कर उनकी राय ली जाती है। गहन मनन-चिंतन के बाद पाठ्यक्रम की संरचना होती है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर एनसीईआरटी नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा फार्मूले पर काम कर रही है। इसमें एक विद्यार्थी को हिन्दी, अपनी मातृभाषा और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान कराया जाएगा। हालांकि उन्होंने बताया कि सरकार भाषा को लेकर कोई संघर्ष नहीं करने जा रही। शिक्षा नीति का आमूल-चूल परिवर्तन तो नहीं होगा लेकिन पाठ्यक्रम में देश के महापुरुषों व शहीदों को शामिल किया जा रहा है। उन्हांेने कहा कि भारत का नौजवान गुणों की खान है, बस उचित मौके पर सही जगह उसे प्रदान करना प्राथमिकता में होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता शिक्षकों से ही बढ़ती है। शिक्षा के न्यूनतम मानदंड तय करने पर भी सरकार विचार कर रही है। मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास कैसे हो, नई शिक्षा नीति में इसपर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। हम ऐसी नीति बनाएं जिसमें विद्यार्थी देशभक्त, संवेदनशील व संस्कृति का वाहक बने। महापुरुषों की जयंतियां मनाना, इसके बारे में नौजवानों को बताना, सामाजिक विषयों पर परिचर्चाएं कराना, उनमें विद्यार्थियों को शामिल करना, सांस्कृतिक आयोजन कराना, इनमें विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना, ये सब काम मेवाड़ संस्थान पिछले 20 सालों से कर रहा है। ये सभी गतिविधियां मेवाड़ के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। उन्हांेने कहा कि शिक्षा लाॅंग टर्म पाॅलिसी बने, सरलीकरण के नाम पर शिक्षा को दुरुह न बनाया जाए। शिक्षा हमारी गुरुकुल पद्धति पर आधारित तो बेहतर होगा।
इससे पूर्व डाॅ. गदिया ने मेजर हर्ष कुमार का शाॅल व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। इस अवसर पर मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल सहित मेवाड़ परिवार के तमाम सदस्य व विद्यार्थी मौजूद थे। संचालन अमित पाराशर ने किया।

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *